एशिया कप के हीरो धवन की टेस्ट टीम से छुट्टी

भारतीय बल्लेबाज़ शिखर धवन का बल्ला एशिया कप के फ़ाइनल मुक़ाबले में नहीं चला लेकिन शुक्रवार की देर रात उन्हें मुस्कुराने की वजह मिल गई.
एशिया कप चैंपियन टीम भारत और टूर्नामेंट के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ होने पर उन्हें मैन ऑफ द सिरीज़ चुना गया.
धवन ने बल्ले से धमाका करते हुए टूर्नामेंट के पांच मैचों में दो शतक जमाते हुए कुल 342 रन बनाए. उनका औसत रहा 68.4.
लेकिन शनिवार को बीसीसीआई के चयनकर्ता वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली दो मैचों की टेस्ट सिरीज़ के लिए टीम चुनने बैठे तो उन्होंने धवन के यूएई के बजाए इंग्लैंड के प्रदर्शन पर गौर किया.
इंग्लैंड में धवन चार मैचों में 20.25 के मामूली औसत से 162 रन ही बना सके थे. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर था 44 रन.
चयनकर्ताओं ने धवन की जगह कर्नाटक के ओपनर मयंक अग्रवाल को टेस्ट टीम में जगह दी है. वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ वडोदरा में खेले जा रहे दो दिन के अभ्यास मैच में शनिवार को 90 रन बनाकर उन्होंने अपना मजबूत दावा पेश किया था.
27 बरस के मयंक अग्रवाल प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ शतक जमा चुके हैं. साल 2017-18 के सीज़न में क्रिकेट के हर फॉर्मेट को मिलाकर उन्होंने दो हज़ार से ज़्यादा रन बनाए.
इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट टीम में जगह पाने वाले 18 साल के ओपनर पृथ्वी शॉ पर चयनकर्ताओं का भरोसा बना हुआ है.
धवन के अलावा इंग्लैंड गए करुण नायर की भी टेस्ट टीम से छुट्टी हो गई है. उन्हें इंग्लैंड में कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
चयनकर्ताओं ने घरेलू सिरीज़ के लिए चोटिल ईशांत शर्मा और ऑलराउंडर हार्दिक पटेल के नाम पर गौर नहीं किया. हार्दिक एशिया कप में चोटिल हो गए थे.
जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर को कुमार को आराम दिया गया है. इनकी गैरमौजूदगी में तेज़ गेंदबाज़ी का जिम्मा मोहम्मद शमी, उमेश यादव, शार्दुल ठाकुर और मोहम्मद सिराज़ के पास होगा.
स्पिन के मोर्चे पर आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव पर चयनकर्ताओं का भरोसा बरकरार है.
एशिया कप में आराम करने वाले विराट कोहली कप्तानी की जिम्मेदारी निभाएंगे. वहीं, इंग्लैंड में बल्ले से फीके दिखे अजिंक्य रहाणे टीम के उपकप्तान बने रहेंगे.
भारत और वेस्ट इंडीज के बीच टेस्ट सिरीज़ का पहला मैच 4 अक्टूबर से राजकोट में खेला जाएगा. दूसरा टेस्ट मैच 12 अक्टूबर से हैदराबाद में होगा.
टेस्ट टीम : विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल, पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उप कप्तान), हनुमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, उमेश यादव और शार्दुल ठाकुर.
चामी तूफ़ान रविवार को स्थानीय समय के मुताबिक शाम आठ बजे जापान के पश्चिमी शहर ओसाका से टकराया.
तूफ़ान के तट से टकराने के वक़्त 216 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से हवाएं चल रही थीं.
तूफ़ान की वजह से कई उड़ानों और ट्रेनों को रद्द कर दिया गया. साढ़े सात लाख से ज़्यादा घरों की बिजली चली गई.
तेज़ हवाओं और तूफ़ान के असर से कम से कम 84 लोगों को मामूली चोटें आईं.
हाल ही में जापान ने जेबी तूफ़ान का क़हर झेला है. ये 25 सालों में जापान से टकराया सबसे शक्तिशाली तूफ़ान था. इसकी वजह से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और जनजीवन पर ख़ासा असर हुआ था.
ब्रिटेन की एक सैटेलाइट ने पृथ्वी की कक्षा में एक जाल लगाया है जो स्पेस के कचरे को इकट्ठा करेगा.
प्रयोग के तौर पर शुरू की गई यह कोशिश उन प्रयासों का हिस्सा है, जिसके ज़रिए अंतरिक्ष को कचरा मुक्त बनाने की योजना है.
यह जाल पृथ्वी से 300 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर लगाया गया है.
यह समझा जाता है कि क़रीब साढ़े सात हज़ार टन कचरा पृथ्वी की कक्षा में तैर रहा है, जो उन उपग्रहों के लिए ख़तरा है, जिन्हें किसी ख़ास मकसद से लॉन्च किया गया है.
जाल के प्रयोग का सैटेलाइट के ज़रिए वीडियो भी बनाया गया है, जिसमें एक जूते के डिब्बे के आकार के स्पेस कचरे को यह फांसता हुआ दिख रहा है.
सूरे स्पेस सेंटर के निदेशक प्रोफेसर गुगलाइलमो अगलीती कहते हैं, "जैसी हमलोगों की उम्मीदें थी, यह वैसा ही काम कर रहा है."
"आप साफ़तौर पर देख सकते हैं कि यह कैसे जाल में फंसा. हम लोग किए गए इस प्रयोग से ख़ुश हैं."ह महज़ एक प्रयोग था, जिसमें एक जूते के डिब्बे के आकार के कचरे को दूसरे सैटेलाइट से पृथ्वी की ओर गिराया गया था, जिसे बाद में जाल में फांसा गया.
अगर वास्तव में ऐसा हो पाएगा तो कचरे को फांसने के बाद सैटेलाइट की मदद से जाल इसे पृथ्वी की कक्षा से बाहर कर देगा.
पृथ्वी की कक्षा मैं तैर रहे कचरे को हटाने की बात होती रही है. कई प्रयोग भी इस पर चल रहे हैं पर दावा किया जा रहा है कि यह पहली दफ़ा है जब इस तरह का सफल प्रयोग किया गया है.
जल्द ही अब इस कोशिश के तहत दूसरे चरण का प्रयोग किया जाएगा, जिसमें एक कैमरा लगाया जाएगा जो स्पेस के वास्तविक कचरे को क़ैद कर सके ताकि उन्हें हटाना आसान हो.
यह उम्मीद की जा रही है कि नए साल की शुरुआत तक इससे और बेहतर तरीक़े से काम लिया जा सकेगा.
पृथ्वी की कक्षा में लाखों टुकड़े तैर रहे हैं. ये टुकड़े पुराने और सेवा से बाहर हो चुके उपग्रहों के अंश और अंतरिक्ष यात्रियों के द्वारा ग़लती से छूटे कुछ उपकरण हैं.
डर यह है कि अगर इन कचरों को हटाया नहीं गया तो यह काम में आ रही उपग्रहों को क्षतिग्रस्त कर देगा.
इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे इंजीनियर अलस्टेयर वेमैन कहते हैं, "अगर ये टुकड़े आपस में टकराते हैं तो और अधिक कचरा बनेगा. अधिक कचरा बनने से टकराने की आशंका दिनों-दिन बढ़ती चली जाएगी और एक दिन यह बड़ी परेशानी ला सकती है."
आने वाले समय में ज़रूरतों के हिसाब से कई सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में लॉन्च किए जाएंगे. अगर स्पेस कचरे से निपटा नहीं गया तो योजनाएं फ़ेल हो सकती हैं.

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